मुंबई के चेंबूर में पेड़ गिरने से जान गंवाने वाले 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. विहान की अंतिम यात्रा पूरे इलाके को भावुक कर गई और मंगलवार-बुधवार दोनों ही दिन बहुत त्रासद रहे. विहान को क्रिकेट बहुत पसंद था. इस दौरान उसका अंतिम संस्कार उसकी प्यारी क्रिकेट बॉल के साथ किया गया.
और पढ़ेंअंतिम यात्रा में परिवार, पड़ोसी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए. सभी ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और विहान को न्याय दिलाने की मांग की. इस मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के उप नगर आयुक्त (गार्डन्स) ने लापरवाही मानते हुए एम-वेस्ट वार्ड के सहायक अधीक्षक (गार्डन्स) जगदीश भोईर को सस्पेंड कर दिया है.
मां की तस्वीर ने किया भावुक
अंतिम संस्कार से पहले विहान के परिवार की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिनमें उनकी मां अपने बेटे की याद में उसका प्यारा बैट पकड़ के बैठी हुई हैं. विहान अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. लोगों के लिए एक मासूम का अंतिम संस्कार देखना बहुत भारी रहा और जब उसके साथ क्रिकेट बॉल भी शामिल की गई तो लोग रो पड़े. विहान की ही बिल्डिंग में रहने वाले विधायक तुकाराम काटे परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने कहा कि विहान को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए.
स्कूल बस पर गिर गया था पेड़
बता दें कि मंगलवार को मुंबई के चेंबूर में यूनिवर्सल हाई स्कूल के 13 छात्रों को घर ले जा रही एक स्कूल बस पर अचानक पीपल का एक बड़ा पेड़ गिर गया था. इस हादसे में 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी और 5 बच्चे घायल भी हो गए थे. वहीं, इस हादसे पर महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने जो बयान दिया था, उस पर उन्होंने लोगों और विपक्ष का विरोध भी झेलना पड़ा.
शिरसाट ने कहा था, 'किसी को कैसे पता चलेगा कि पेड़ गिरने वाला है? पेड़ का गिरना या बिजली कड़कना हमारे हाथ में नहीं है. शायद तेज हवाएं चल रही थीं.' शिरसाट के इस बयान पर विपक्ष ने आपत्ति जताई , जिसके बाद मंत्री ने सफाई दी और दावा किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है.
संजय शिरसाट के इस बयान पर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरत पवार) ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि ये टिप्पणी सरकार के 'अहंकार के स्तर' को दिखाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून की तैयारियां सिर्फ कागजों पर थीं, जमीन पर कुछ नहीं था. वहीं, एनसीपी (एसपी) नेता कलाईड क्रैस्टो ने मंत्री के बयान को 'शर्मनाक' और 'असंवेदनशील' करार दिया. उन्होंने कहा कि एक बच्चे की मौत को प्राकृतिक घटना कहकर टाला नहीं जा सकता. मानसून से पहले पेड़ों का सही तरीके से ऑडिट और रखरखाव किया जाना चाहिए था.
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